कोरोना v/s करुणा
अच्छी वाली रोजमर्रा की जिंदगी चल रही थी, एक दिन अचानक सुनने में आया करोना नाम जो चीन से फैला हुआ एक बीमारी. जो लगभग सभी देशों के मासूम लोगों के मरने की वजह बन गई.
कोरोना की वजह से सभी देशों में लॉक डाउन का आदेश हुआ, लोगों ने सोचा थोड़े दिन की बात है सब कुछ ठीक हो जाएगा. लोग इसको लेकर इतना चिंतित और परवाह नहीं थे. जब टीवी चैनलों में लोगों के मरती हुई आंकड़ों की संख्या देखी तब लोगों का दर्द उमड़ उठा. जैसे कोरोना वायरस बढ़ने लगा वैसे ही लोकढौन कि अवधी भी बढ़ने लगी.
सब एक पल में जिंदगी उलट सी गई. बस से बंद हो गई, ट्रेन बंद हो गई दुकानें बंद हो गई मार्केट बंद हो गया गली से बाहर निकलना मुश्किल हो गया. स्कूल कॉलेजेस सब ऑफिस बंद हो गई एक बात में कहीं तो सब कुछ रुक सा गया.
इंसान की सोच
एक तो लोगों के मन में मौत का डर सताने लगा और दूसरी और काम बंद होने का डर घर कैसे चलाएं आगे कैसा होगा सब चिंता सताने लगी गरीबों की तो हालत खराब हो गई, एक तरफ से सब लोग बेबस और लाचार हो गए देश की आर्थिक समस्या भी पहले से ज्यादा हो गई.
सबको अपनी-अपनी चिंताएं सताने लगी और जिसने उम्मीद ना छोड़ा उसी का काम चलता रहेगा. जो हार मान गए वहीं रुक जाएंगे.
भगवान की इच्छा
भगवान कुछ लोगों को अमीर और कुछ लोगों को गरीब इसलिए बनाता है क्योंकि जो अमीर है वह दिल के भी अमीर हो और गरीब की मदद करें और अपने आसपास अपने पड़ोसियों का भी ध्यान रखें. एक दूसरे की मदद करना सहायता करना मिलजुल कर हंसी खुशी से रहना यही तो मेरे भारत की पहचान है.
चलो करो ना से लड़ना तो सीखे चुके हैं सब लोग अब जिंदगी में आगे बढ़ते हैं लड़ते-लड़ते..
Regards..
AB.



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